धरती का श्रृंगार वृक्ष हैं
प्राणवायु दे रहे सभी को,
ऐसे परम उदार वृक्ष हैं।
ईश्वर के अनुदान वृक्ष हैं,
फल-फूलों की खान वृक्ष हैं।
मूल्यवान औषधियां देते,
ऐसे दिव्य महान वृक्ष हैं।
देते शीतल छांव वृक्ष हैं,
रोकें थकते पांव वृक्ष हैं।
लाखों जीव बसेरा करते,
जैसे सुंदर गांव वृक्ष हैं।
जनजीवन के साथ वृक्ष हैं,
खुशियों की बारात वृक्ष हैं।
योगदान से इस धरती पर,
ले आते वरदान वृक्ष हैं।
जीव-जगत की भूख मिटाते,
ये सुंदर फलदार वृक्ष हैं।
जीवन का आधार वृक्ष हैं,
धरती का श्रृंगार वृक्ष हैं।
आभार--रमाशंकर दास
नोट- इस कविता को सिर्फ पढ़ने के लिए गूगल से प्रतिलिपि किया गया है ।
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