लिखता गया… बस लिखता गया..... मुझे ये पता ही नहीं चला की , मै क्या लिखना चाहता था । और क्या लिखने लग गया।। बस मेरी उंगलिया , यूँ ही लिखती गई । और लिखते गए।। कुछ सोचा नही कुछ समझा नहीं , बस लिखता गया लिखता गया।। कुछ रुक कर सोचा तो, सोच भी न पाया की क्या...
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