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  • रमाशंकर बचपन  से ही सामाजिक कार्य में रुचि  रखते है I कक्षा 12 वी. से स्नानोकात्रर तक की पढ़ाई करने  पढ़ाई करने के बाद   3-3 घंटे सुबह-शाम का जो समय मिलता  था उस समय अपने  जिले  के कुछ स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ जुड़कर ग्रामीण सामुदायिक विकास  में लोगों के हित में काम  करते  थे I  समाज कार्य में सक्रिय  रहे  I इसके बाद पारिवारिक समस्या  या अन्य के कारण एम.फिल की पढ़ाई  छोड़ दी  I वर्तमान में  भी  स्वयं सेवी संस्थाओं  के साथ  जुड़कर  समुदाय के साथ समाज सेवा  कर रहे है I 

  • उन्होंने छिपिया गाँव के घरो और झोपड़ियों को प्रशासनिक आधिकारियो और कुछ राजनितिक  लोंगो  द्वारा जेसीबी से घर गिराने का मुद्दा 2011 में उठाया था I उस समय  उन गरीब वंचित परिवार का कोई मदद करने वाला नही था I उक्त  घर गिराने और बेदखल करने की बात कुछ  पत्रकार और न्यूज़ चैनल को  बताने का प्रयास किये लेकिन  वो असफल रहे I इसके बाद सामजिक कार्यकर्ता  जगदीश यादव से सम्पर्क किये Iउस समय वो  इंदौर में थे I उनको समस्त  बात बताया -उन्होंने कहा  कि ग्राम  कैलाशपुरी  (घूमन ) गाँव  के सामाजिक कार्यकर्त्ता  रामकैलाश कोल को भेजता हूँ  वो  मदद करेंगे I  वो  अपने गाँव से छिपिया (12 किलो मीटर की दूरी)  सायकल  से आये  I और उन्होंने  उनकी समस्या  मोबाइल  के माध्यम से सीजी नेट स्वर में  नाम,पता,समस्या, पीड़ित लोगो का व्यान और जिला कलेक्टर  का संपर्क  बोल कर   ( http://cgnetswara.org/ ) में आवाज रिकॉर्ड किये I इसके 5  मिनट के  बाद  सीजी नेट स्वर वेबसाइट में  अपलोड कर दिया  गया  I इसके बाद  मोबाइल में  उनकी समाचार आने लगा I रमाशंकर को  बढ़ा आश्चर्य  हुआ  कि  इसके माध्यम से किसी  की  आवाज  को  पुरे देश के लोग सुन सकते है I   यही से  उनके जीवन में समाजसेवा  करने की  इच्छा  जागृत  हुई I     

  • 2013से2016तक सीजी नेट स्वर संगठन के माध्यम से मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़, उड़ीसा,राजस्थान,तेलंगाना,महाराष्ट्र,बिहार, उतराखंड और अन्य प्रदेश के समस्या उनके जिले के अधिकारीयों से  शिक्षा, स्वास्थ्य ,पेंशन,रोड ,बिजली,वनाधिकार ,राजस्व भूमि, FIR , पीडीएस और पेयजल जैसे अन्य समस्या  को  संबंधित अधि कारियों से  समाधान और सुधार  करने का निवेदन करते थे I इसके बाद उक्त आधिकारियों द्वारा  समाधान कराया  जाता था I कभी-कभी कुछ समस्यायों का समाधान  नही हो पा या  I  इतना सहयोग करने से उनके कार्य क्षेत्र के लोंगो  का बहुत-सा सुधार  हुआ  I

  •  रमाशंकर  अपने  आप को गाँव के आम आदमी जैसे  मानते हैं। जिसके कारण  लोग उन्हें पसंद करते है  साथ ही  सामाजिक अध्ययन के क्षेत्र में  रूचि ज्यादा है। वो अम्बेडकरवादी , गांधीवादी  और कबीर साहेब के विचारधारा  से  प्रभावित है। 

 

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